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सोमवार, 14 नवंबर 2011

‎मेरा होना जिन्हें नागवार गुज़रता है,
उन्हें कह दो कि मेरा होना रहेगा बाकी- 
तब भी जब फिजाओं में उदासी होगी 
मेरे न होने से,
मेरा होना रहेगा ही उनके ज़हन में 


- तनया 

रविवार, 13 नवंबर 2011

मैं तुम्हें
देख लेना चाहती हूँ
एक बार,
कभी-कभार
सभा में, पंक्ति में,
वहाँ भी जहाँ तुम्हारे सिवा
कोई न हो,

तुम्हारी नज़रों से बचकर भी
मेरी आँखें तुम्हें
देख लेना चाहती है एकबार...

-तनया 

शुक्रवार, 11 नवंबर 2011

इतिहास चूक जाएगा ...

इतिहास चूक जायेगा...

तुम जब समाज
बदल रहे होगे मेरे दोस्त,
तब तुम्हारी पत्नी, तुम्हारी बहन
संभाल रही होगी तुम्हारा घर...
जब तुम अगुवाई
कर रहे होगे क्रांति की,
तब तुम्हारी पत्नी, तुम्हारी बहन
ख्याल रख रही होगी
तुम्हारी माँ की झुकती कमर का,
पिता के दमे का...
और जब पूंजीवाद तब्दील हो रहा होगा
समाजवाद में
और लोकतंत्र का बिगुल
बजा दिया गया होगा
फिर एक बार
तब भी तुम्हारी पत्नी, तुम्हारी बहन
जूझ रही होगी
आटे-दाल के भाव से...

तुम फिर एकबार
गलत समझ रहे हो मेरे दोस्त...
अब तुम्हारी पत्नी
अकेलेपन से नहीं घबराती,
नहीं बदलती करवटें-
तुम्हारी बहन भी
अपना साथी चुन चुकी है
तुम्हारे बिना ही...

मुझे चिंता किसी और बात की है-
कि इन सबके बावजूद
उनका होना ज़रूरी नहीं समझा जाएगा,
इतिहास चूक जाएगा
फिर एकबार-
इन्हें शामिल करने से...


-तनया 

मंगलवार, 29 मार्च 2011

सीतायन

''जन्म से जीवन के अंतिम क्षण तक असीम दुर्भाग्य का अंधकार जिसकी छायासंगिनी है, उसी सीता को नए आलोक में पहचानने और समझने का प्रयास है सीतायन. सीतायन केवल रामायण से ध्वनिसाम्य ही नहीं रखता बल्कि यह उपन्यास सीता के जीवन परिक्रमा की एक आधुनिक गद्यगाथा है. छत्तीस वर्षीय सीता उस समय संतानसंभवा थी. सीता के जीवन और व्यक्तित्व को एक नवीन दृष्टिकोण से समझने का प्रयास है यह उपन्यास."
सीतायन मूलतः माल्लिका सेनगुप्ता विरचित एक बंगला उपन्यास है. इस उपन्यास का प्रथम संस्करण नवंबर, १९९६ में प्रकाशित हुआ था. मैंने इस उपन्यास का अनुवाद किया है. थोड़ा- थोड़ा करके पूरे उपन्यास को यहाँ पोस्ट करने की मेरी परिकल्पना है. 
                                                       
                                                                                                                               इति
                                                                                                                               तनया