স্বপ্নের ফেরিওয়ালা কে খুঁজে পাওয়া যাচ্ছে না... মিনিদের চোখ উদাস... তার বাপি বলেছে- রাস্তা ঘাট নিরাপদ নয় পাঁচ বছরের মিনিদের ...
मंगलवार, 11 दिसंबर 2012
उदासी
उदासी कुछ इस तरह...
घर कर जाती है ज़हन में...
जैसे सुबह-सुबह...
आँगन बुहारते समय...
आ गया हो कोई
अनचाहा मेहमान...
ज़िद्दी होती है उदासी...
झटक देती है...
अपमान, अभिमान...
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